Thursday, September 15, 2022

इंजीनियर दिन

हम इंजीनियर ! 


पुल हो या मशीनें 

हम ही तो जोड़ते है 

बहावों की दिशा 

हम ही तो मोड़ते है


हमारे शानमे खड़ी 

ये ऊंची इमारतें है

हम ही विज्ञानसंग

करते शरारते है 


कंप्यूटर की बुद्धि 

हमसे ही तो है 

समाज की वृद्धि 

हमसे ही तो है 


हम ही दुनिया के 

ऊर्जा प्रदाता है 

अनसुलझी बातों के 

हम ही ज्ञाता है

Saturday, September 10, 2022

मी

निराशेचे मेघ आता 

जरी गडद हो झाले 

त्या अंधार रात्री 

शेची पहाट पेरतो मी 


लढाई प्रत्येकाची 

जरी भिन्न ही येथे 

तरी धैर्य नी हिम्मत

अचाट पेरतो मी 


स्वार्थी जगात माझी

किंमत ही ठरलेली 

तरी मनात कायम  

विश्वास पेरतो मी


ज्यांसाठी धडधडते 

त्यांनी सोडली कास

तरीही हृदयी थोडे

मुक्त श्वास पेरतो मी 


#भारत (हिमांशू टेंभेकर)